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Tuesday, August 12, 2008

चाँद




ठहरा है चाँद


जवान रात के


सीने पर


आओ कुछ देर


बैठ जायें


जीने पर


कुछ मुस्कुराएँ


कुछ गुनगुनाएं


फिर अपने घर जा


सो जायें


चाँद सिखाता है


यही महीने भर
आओ बैठ जायें


जीने पर


२८/०९/०७