तमाम रात जाग कर
पलकों की किनोरों से
चाँद तारों पर
तुम्हारा नाम लिखा
सुबह हुई
धूप खिली
देखा तो सब धुल गया
२५/५/२०१२
मधु अरोरा
हर पल लगे
तू अपना
हर रात से
सुबह तक
ख्वाबों का बुनु
सपना
पर कैसे कहूँ
तुझे अपना
जब खो जाए
कहीं तू
बन के एक सपना
ख्वाबों से
हकीकत तक
हम हों बस
तन्हा तन्हा २१/१०/२००८