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Friday, May 25, 2012

तुम्हारा नाम


























तमाम रात जाग कर
पलकों की किनोरों से
चाँद तारों पर
तुम्हारा नाम लिखा
सुबह हुई
धूप खिली
देखा तो सब धुल गया

२५/५/२०१२
मधु अरोरा 

Wednesday, December 17, 2008

सपना


हर पल लगे
तू
अपना
हर
रात से
सुबह
तक
ख्वाबों
का बुनु
सपना

पर
कैसे कहूँ
तुझे
अपना
जब
खो जाए
कहीं
तू
बन
के एक सपना
ख्वाबों
से
हकीकत
तक
हम
हों बस
तन्हा तन्हा २१/१०/२००८