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Tuesday, June 18, 2013

क्या तुम मुझे….



















अक्सर
कुछ टूटे फूटे से शब्द
जब भी मैंने
कहे तुमसे 
वो बन गए अर्थपूर्ण 
एक ग़ज़ल 

थक के
बहुत टूट गयी हूँ मैं 
चाहती हूँ 
खुद को समर्पित
कर दूं तुमको 
क्या तुम मुझे…. 

© मधु अरोरा 
१७ / ६ / १३ 

Tuesday, December 4, 2012

अपना अपना दर्द


















कोई टूट कर चाहता है
कोई टूट कर बिखर जाता है 

अपना अपना दर्द है
अपना अपना तरीका 

कोई सिमट जाता है
कोई बिखर जाता है 

© मधु अरोरा 
2/12/12