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Monday, August 5, 2013

ज़िन्दगी - एक सफ़र


























इस मोड़ से शुरू हुआ था
एक सफ़र
तुम तक

इस मोड़ पर ख़त्म हुआ था 
एक सफ़र 
तुम तक 

इस मोड़ पर शुरू हुआ 
एक यादों का सफ़र 
तुम से तुम तक 

इस मोड़ पर ले आई ज़िन्दगी 
तन्हाई का है सफ़र
तुम बिन मगर तुम तक 

© मधु अरोरा 
०५ / ०८/ २०१३ 

Tuesday, March 26, 2013

होली मुबारक




















मुझसे कोसों दूर तुम
मेरी हर सोच से अंजान 
मेरे हर ख्याल में तुम 
मै तुम्हारे ख्याल में 
कहीं नहीं
फिर  भी चाहता है दिल
तुमसे ये कहना 
होली मुबारक हो जाना 

26/3/2013
©मधु अरोरा

Sunday, November 27, 2011

अक्सर भूल जाते हैं



तुम्हारी याद से दिन निकलता है
तुम्हारी याद पर ख़त्म होता है
दिन का हर एक लम्हा
तुम्हारी याद में रोता है

तुम्हें याद कर के
सोचते हैं हम दिन भर
तुम्हें आज ये कहना है
तुम्हें आज वो कहना है

मगर जब सामने आते हो
और आँखों से मुस्कुराते हो
तुम्हें क्या क्या कहना है
हम सब कुछ भूल जाते हैं

न खुद का होश होता है
न कोई ख्वाब सोता है
फिर भी कहते हो तुम अक्सर
तुम्हें हम याद नहीं करते

तुम्हें कैसे समझाएं जानम 
तुम्हारी यादों से हमे फुर्सत नहीं मिलती
मगर आती है ऐसी याद तुम्हारी
हम खुद को अक्सर भूल जाते हैं
२७/११/२०११ 
मधु अरोरा 

Tuesday, February 2, 2010

सिर्फ तुम


एक दिन अचानक

चले आओ

मेरे ख्वाबो से उतर के

मेरे आँगन को

महकाओ

मेरे आस पास

मेरे साथ साथ

तुम चलो यूं ही

मैं जाऊं जहाँ

तुम भी चलो वहीँ

मेरे पहलू में

चुपके से समां जाओ

मेरे पास हो तुम

मेरे साथ हो तुम

मेरी प्यास हो तुम

मेरी हर साँस हो तुम

मेरे लिए खास हो तुम

मेरे जीने की

वजह हो तुम

हर तरफ तुम ही तुम

ये एहसास सच है

यकीं हो मुझे

२९/०९/२००९