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Tuesday, March 26, 2013

होली मुबारक




















मुझसे कोसों दूर तुम
मेरी हर सोच से अंजान 
मेरे हर ख्याल में तुम 
मै तुम्हारे ख्याल में 
कहीं नहीं
फिर  भी चाहता है दिल
तुमसे ये कहना 
होली मुबारक हो जाना 

26/3/2013
©मधु अरोरा

Friday, December 16, 2011

सच है


जानती हूँ के तुमने मुझे
कभी पुकारा ही नहीं
फिर भी ये सच है
के रह रह के तुम बुलाते हो मुझे

है यकीं मुझे भी
के मैं तुमसे कभी मिली ही नहीं
फिर भी ये सच है
के मैं तुमसे जुदा भी नहीं

ये पागलपन है
या है दीवानापन
हुए हैं वो ही ख्वाब सच
जो हमने कभी बुने ही नहीं

कहने को है दूरी बहुत
या है मज़बूरी बहुत
सच है दिल से कभी
हम दूर हुए ही नहीं 
१५/१२/२०११ 
मधु अरोरा 

Wednesday, November 30, 2011

कभी




कभी सुबह में 
कभी रात में


कभी गर्मी में
कभी बरसात में


कभी सच में
कभी झूठ में


कभी दूर से
कभी पास से


कभी आस से
कभी विश्वास से


कभी दिल से
कभी रस्म-ओ-रिवाज़ से


मेरे हमसफ़र
मेरे हमनफस


कभी दिल-ओ-हाल मेरा
तू पूछता तो सही


मै जागती हूँ
या सोती हूँ


या तेरी याद में
दिन भर रोती हूँ


जिंदा हूँ साँस लेती हूँ
या कब्र में आराम से सोती हूँ 
२९/११/२०११ 
मधु अरोरा  

Tuesday, November 22, 2011

दिल का दरवाज़ा




जब तेरे कदम कहीं और न डगमगाएं
जब तेरे दिल से बाकी सब उतर जाएँ

जब तुझे अचानक मेरी याद आ जाये
तेरे सीने का दिल मेरे लिए तड़प जाये

कोई रंजिश न दिल में रह जाये
जब सिर्फ मेरा बनने को जी चाहे

तब बेख़ौफ़ मेरी बाँहों में चले आना
दिल का दरवाज़ा खुला है सिर्फ तेरे लिए 
२३/११/२०११
मधु अरोरा