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Thursday, October 4, 2012

मुझे एहसास रहने दो...


























न पोंछो आंसू मेरे
न मेरा दर्द बांटो तुम
मैं जिंदा हूँ अभी
मुझे एहसास रहने दो

आँखों में हलचल है
अभी कुछ अश्क बाकी हैं
सीने में धड़कन है
अभी कुछ साँस बाकी है

मुमकिन है तेरे दिल में
कोई अरमान बाकी हो
कोई खेल अधूरा हो
कोई हिसाब बाकी हो

कुछ काम बाकी हैं
कुछ फ़र्ज़ बाकी हैं
धरती का सीना है छोटा
कफ़न से बदन की दूरी बाकी है

जाने भी दो छोड़ो
अब ये बात रहने दो
मैं जिंदा हूँ अभी
मुझे एहसास रहने दो 

© मधु अरोरा
३०/९/२०१२ 

Friday, December 16, 2011

तुम

मेरा ख्वाब मेरा ख्याल तुम
मेरी सोच मेरा सवाल तुम

मेरा दिन मेरी रात तुम
आफ़ताब( sun) तुम 
माहताब (moon) तुम 

आगाज़ तुम, अंजाम तुम
मेरी जीत तुम मेरी हार तुम

मेरे अश्क मेरी मुस्कान तुम
मेरी भूख मेरी प्यास तुम

मेरे लफ्ज़ मेरा कलाम तुम 
हर लम्हा दिल के पास तुम

मेरी रूह मेरी जान तुम
मेरे जीने का अंदाज़ तुम

हर बात का एहसास तुम
मेरे लिए बहुत खास तुम 

हर तरफ बस तुम ही तुम
फिर भी तुम,  न जाने कहाँ गुम
१४/११/२०११
मधु अरोरा