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Thursday, October 4, 2012

मुझे एहसास रहने दो...


























न पोंछो आंसू मेरे
न मेरा दर्द बांटो तुम
मैं जिंदा हूँ अभी
मुझे एहसास रहने दो

आँखों में हलचल है
अभी कुछ अश्क बाकी हैं
सीने में धड़कन है
अभी कुछ साँस बाकी है

मुमकिन है तेरे दिल में
कोई अरमान बाकी हो
कोई खेल अधूरा हो
कोई हिसाब बाकी हो

कुछ काम बाकी हैं
कुछ फ़र्ज़ बाकी हैं
धरती का सीना है छोटा
कफ़न से बदन की दूरी बाकी है

जाने भी दो छोड़ो
अब ये बात रहने दो
मैं जिंदा हूँ अभी
मुझे एहसास रहने दो 

© मधु अरोरा
३०/९/२०१२ 

Saturday, June 2, 2012

अभी ना आओ












अभी ना आओ के अभी साँस बाकी है 
जीने का अभी अरमान बाकी है 
ठहरो ,
अभी दर्द कहाँ है बड़ा हुआ
अभी बहुत काम है पड़ा हुआ
रुको,
अभी कुछ और इंतज़ार करो
अभी ना मुझसे प्यार करो
सुनो,
तब आना, जब मैं मिटटी में मिल जाऊं
धरती का कफ़न ओढ़ के सो जाऊं
२/६/२०१२

मधु अरोरा