Friday, June 3, 2011
Tuesday, February 2, 2010
सिर्फ तुम

एक दिन अचानक
चले आओ
मेरे ख्वाबो से उतर के
मेरे आँगन को
महकाओ
मेरे आस पास
मेरे साथ साथ
तुम चलो यूं ही
मैं जाऊं जहाँ
तुम भी चलो वहीँ
मेरे पहलू में
चुपके से समां जाओ
मेरे पास हो तुम
मेरे साथ हो तुम
मेरी प्यास हो तुम
मेरी हर साँस हो तुम
मेरे लिए खास हो तुम
मेरे जीने की
वजह हो तुम
हर तरफ तुम ही तुम
ये एहसास सच है
यकीं हो मुझे
२९/०९/२००९
Tuesday, January 12, 2010
तुमको तो मेरी याद
Friday, December 18, 2009
फासले
Wednesday, April 29, 2009
क्या चाहते हैं
Monday, April 13, 2009
Thursday, February 26, 2009
फिर आया फागुन
Tuesday, February 24, 2009
भुला न सकोगे

भुला न सकोगे मुझे चाह कर तुम
मैं अक्सर तुम्हें याद आती रहूंगी
कभी ख्वाब बनकर कभी चाँद बनकर
मैं रातें तुम्हारी सजाती रहूंगी
मैं अक्सर तुम्हें याद आती रहूंगी
कभी ख्वाब बनकर कभी चाँद बनकर
मैं रातें तुम्हारी सजाती रहूंगी
पकड़ न सकोगे मुझे चाह कर तुम
मैं खुशबु सी फिजा में बिखर जाती रहूँगी
कभी साँस बनकर कभी हवा बनकर
मैं सांसें तुम्हारी सजाती रहूंगी
पा न सकोगे मुझे जीवन में तुम
मैं बार बार तुम्हें सताती रहूंगी
कभी दर्द बनकर कभी खुशी बनकर
मैं जीवन तुम्हारा महकाती रहूंगी
१०/०२/२००९
Thursday, February 12, 2009
Tuesday, January 27, 2009
क्यूँ नही आता
Saturday, January 17, 2009
मुश्किल
Wednesday, December 17, 2008
सपना
जिंदगी की किताब
Thursday, October 9, 2008
लाज का कफ़न

ख्वाबो की तरह
हर लम्हा टूटती रही
आंसूंओं की तरह
तुम ज़िन्दगी से फिसलते रहे
परछाई की तरह
तुम्हें पकड़ती रही
यादों की तरह
ख़ुद को समेटती रही
हर खरीददार बोली लगता रहा
और सरे बाज़ार
प्यार बिकता रहा
कांच सा दिल
ठोकरों से टूट ता रहा
रेत की तरह हाथ से
ज़र्रा ज़र्रा बिखरता रहा
दर्द सीप में
मोटी सा क़ैद रहा
लाज काआँचल
दागदार होकर भी
अरमानो की लाश पर
कफ़न सा बिछता रहा
६/१०/२००८
हर लम्हा टूटती रही
आंसूंओं की तरह
तुम ज़िन्दगी से फिसलते रहे
परछाई की तरह
तुम्हें पकड़ती रही
यादों की तरह
ख़ुद को समेटती रही
हर खरीददार बोली लगता रहा
और सरे बाज़ार
प्यार बिकता रहा
कांच सा दिल
ठोकरों से टूट ता रहा
रेत की तरह हाथ से
ज़र्रा ज़र्रा बिखरता रहा
दर्द सीप में
मोटी सा क़ैद रहा
लाज काआँचल
दागदार होकर भी
अरमानो की लाश पर
कफ़न सा बिछता रहा
६/१०/२००८
Wednesday, October 8, 2008
अगले जन्म
चलो कहीं दूर
क्यूँ है
Tuesday, October 7, 2008
तलाशी ले लो

तुम चाहे जितनी तलाशी ले लो
मेरे पास प्यार के सिवा कुछ भी नही
ये दिल जिसमें तुम बसते हो
मेरी धडकनों में धड़कते हो
इस दिल की तुम तलाशी ले लो
इस में तुम्हारी याद के सिवा कुछ भी नही
मेरे ख्वाबों में सिर्फ़ तुम बसते हो
हर तरफ़ तुम ही तुम दीखते हो इस आँखों की तुम तलाशी ले लो
इन में आंसुओं के सिवा कुछ भी नही
२७/१/२००८
Friday, October 3, 2008
लगता नही है दिल मेरा

बहुत उदास है दिल मेरा आज तेरे बिन
लगता नही है दिल मेरा आज तेरे बिन
बात करते करते रो देती हूँ
फिर कुछ सोच के हंस देती हूँ
कैसा है बावरा मन आज तेरे बिन
लगता नही है दिल मेरा आज तेरे बिन
न सोती हूँ न जगती हूँ
ख्वाबों में जैसे चलती हूँ
कभी आ के तो देख हाल मेरा आज तेरे बिन
बहुत उदास है दिल मेरा अज तेरे बिन
लगता नही है दिल मेरा आज तेरे बिन
०६/०४/२००८
Subscribe to:
Posts (Atom)














